माँ के सामने लड़का उतारता है पत्नी के कपडे और मनाता है सुहागरात, सच जानकार हैरान रह जाएंगे

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आज हम आपको एक सच्ची रीति पर आधारित घटना के बारे में बताने जा रहे है जिसके बारे में सोचकर भी आप शर्मा जाएंगे। दरअसल बात यह है की हमारे देश में शादी को बेहद संजीदा पारम्परिक कर्त्तव्य माना जाता है। इसमें एक लड़का अपनी पत्नी के साथ जीने मरने की कसम खाता है और उस से शादी कर के उसको अपनी जिंदगी में शामिल करता है जाहिर है शादी में हर इंसान की तरह हर दूल्हा अपनी दुल्हन के साथ सुहागरात भी मनाता है। मगर अब जो बात हम आपको बताने जा रहे है उसको सुनकर आप दंग रह जाएंगे जी हां सच्चाई पर आधारित इस कहानी में लड़की को अपनी माँ के सामने ही अपने पति के साथ सम्भोग करना पड़ता है।

वर्षो से चली आ रही है रीति

आज जिस जगह की हम आपसे बात कर रहे है वो कोई गांव या कोई पिछड़ा इलाका नहीं है जी हां वो है कोलम्बो हम हमेशा ये सोचते है की विदेश में तो रहने खाने पीने का तरिका ही अलग होगा मगर सच ऐसा नहीं है। सच्चाई में कुछ और ही है । यहां की रीति को मनाने के लिए लोग मजबूर है।

शादी की परमपरा ही गलत है

आपको बता दे की इनकी परंपरा में शादी के बाद लड़की को अपनी माँ के सामने ही अपने पति के साथ सुहागरात मनानी पड़ती है। आपको जानकर दुःख होगा की ऐसी रीति आज भी कोलम्बो में लोग मानते है और कोई भी इन नियमो का विरोध भी नहीं करता।

सुहागरात होती है प्राइवेट जिंदगी

हम सभी को पता है की सुहागरात एक प्राइवेट जिंदगी की तरह होती है जहा हर इंसान अपने प्राइवेट पल बिताता है, अपनी पत्नी से उसकी जीवन के भविष्या से जुडी बाते रखता है और उस हसीं रात को बीतता है जो उसको अब दोबारा इस तरीके से नहीं मिलनी है।

सोच पर आधारित है ये नियम

वह के लोगो का मानना है की माँ के सामने सुहागरात मनाने से पति की उम्र बहुत अच्छी होती है ना जाने कैसे ढकोसलो पर आज भी कोलम्बो के लोग विश्वास रखते है। खैर गनीमत है की भारत में अब इस विचारधारा के लोग नहीं बचे।

दुल्हन नहीं जा सकती बहार

इस रीति में एक और नियम भी है जब तक दूल्हा दुल्हन के साथ सुहागरात नहीं मना लेता तब तक लड़की की माँ वही बैठी रहती है। जब दूल्हा लड़की को फ्री करता है तभी लड़की कमरे से बहार निकल सकती है।