मासिक धर्म से जुडी ये बाते नहीं मानी तो पड़ सकता है पछताना

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मासिक धर्म होना हर महिला के लिए एक अच्छी बात है मासिक धर्म से ही एक महिला के प्रेग्नेंट होने का संकेत रहता है हलाकि ये प्रक्रिया महिलाओमे लघभग 13 साल की उम्र के बाद से शुरू होकर लघभग 45 सालकी उम्र तक रहती है आपको बता दे की महिलाओ को मासिक धर्म हर माह एक निश्चित तिथि से आस पास होते है जो की शुरुवाती दिनों में काफी दर्द भरे होते है इसमें पेट में असहनीय दर्द होता है जिसे सहन क्र पाना एक कमजोर लड़की के लिए काफी समस्या से भरा होता है , लेकिन यह अगर महिलाओंके ना हो तो वो विषय चिंता का होता है कभी कभी कुछ महिलाओ के मासिक धर्म काफी लम्बे भी चलते है जिसमे उन्हें तमाम दिक्कतोंका सामना करना पड़ता है आज हम आपको इनसे जुडी कुछ ख़ास बाते बताने जा रहे है।

महिलाए दवाइयों का करती है सेवन

अक्सर कुछ महिलाए अधिक दर्द असहनीय होने पर दवाइयोका सेवन करती है मगर यह दवाइयों का सेवन गलत बात है इस से आपके शरीरी की गतिरोधक छमता घट जाती है मगर आपको बता दे की अगर दर्द असहनीय होता है तो आप दवाइयों का सहारा भी ले सकती है।

मासिक धर्म के दौरान महिला गर्भवती नहीं हो सकती

हलाकि इस बात में सच्चाई नहीं है मासिक धर्म के समय अगर महिला शारीरिक सम्बन्ध बनाती जो की बेहद मुश्किल होता है ऐसे में अगर सही तरीके से इंटरकोस किया जाए तो निश्चित ही महिला गर्भवती हो सकती है।

मासिक धर्म के समय महिला होती है अशुद्ध

दरअसल ऐसी कोई बात नहीं होती बात यह है की मासिक धर्म के समय महिलाए अशुद्ध हो जाती है ऐसा बिलकुल भी नहीं महिलाए अशुद्ध हो जाती है ऐसा वो मानती है मगर इस समय में उनके शरीर का ख़राब रक्त और ख़राब अंडे ही बहार निकल आते है।

मंदिर नहीं जा सकती

ऐसा किसी वेद में नहीं लिखा है की इस दौरान महिला मंदिर नहीं जा सकती हां हिन्दू सभ्यता के अनुसार अगर मन शुद्ध न हो तो भगवान् को नहीं छूना चाहिए उनकी आराधना नहीं फलती है। मगर यह आपसे मनभेद की बात है।

मासिक धर्म ना होने पर गर्भवती होना

दरअसल ये हमारी मानसिकता बन गयी है की जिन लड़कियों को मासिक धर्म नहीं आते वो प्रेग्नेंट नहीं हो सकती बल्कि अगर आप डॉक्टर की सलाह माने तो ना जाने कितनी ही महिलाए ऐसे है जिनके मासिक धर्म ना आने के बाद भी बच्चा हुआ है।

रसोई में ना जाना

आदिकाल से चली आ रही पुराने ढकोसलो को कही कही अब भी ढोया जा रहा है ऐसे में लोग भूल गए कीमहिलाए चाँद पर पहच गयी इसलिए ऐसे मान्यताए अब बेकार है।