वीडियो:- कुछ ऐसी ज़िन्दगी जीते हैं हमारे वीर सैनिक। चीन की सीमा पर तो नींद भी हराम करनी पड़ती है।

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यूं तो हमारा देश भारत शांतिपूर्ण और दोस्ताना स्वभाव वाला देश माना जाता है। लेकिन जब सुरक्षा की बात आती है तो हमारे देश की गिनती उन आक्रमणकारी देशों में होती है जो बदला लिए बिना किसी को नहीं छोड़ता। भले ही भारत को पिछड़ा या विकासशील देशों में शामिल किया जाता हो, लेकिन जब सीमा सुरक्षा और देश सुरक्षा की बात आती है तो भारत को एक कामयाब मुल्क के तौर पर जाना जाता है।

भारत की सेना विश्व रैंकिंग में नंबर…

भारत की सेना विश्व रैंकिंग में नंबर 3 पर आती है। हमारी सेना सिर्फ दो ही देशों से पीछे है, क्योंकि ताजा हालात चीन सीमा विवाद से जुड़ा है तो चीन के सैन्य शक्ति पर भी गौर करना चाहिए कि उसकी सेना हमारी सेना से काफी पीछे है। दोस्तों हम सब जानते हैं कि कुछ समय पहले चीनी सेना तथा भारतीय सेना के बीच गलवान घाटी में खूनी झड़प हुई है , जिसमें हमारे 20 जवान शहीद हो गए। महज एक झड़प में यह स्थिति है तो आप अंदाजा लगा सकते हैं जब आक्रमण हो तो क्या मंजर होगा? हमारी सेना शुरू से ही संयम के साथ कार्रवाई करती है लेकिन कभी-कभी हमारी सेना के साथ युद्ध के नियमों से वंचित धोखेबाजी हो जाती है , जिससे हमारे जवान अनजाने में शहीद हो जाते हैं। वैसे इस झड़प में हमारी सेना के तरफ से भी काफी जोरदार जवाब दिया गया जिससे चीनी सेना को भी जान माल की काफी क्षति हुई। इससे यह बात तो साबित हो गई की हमारा देश किसी भी देश के आगे झुकने वाला नहीं है , चाहे वह बेहद शक्तिशाली देश ही क्यों न हो। सीमा विवाद हर देश की समस्या है लेकिन हमारे पड़ोसी देश ज्यादा विवाद करते हैं क्योंकि उन्हें आपसी रिश्ते की कोई फिक्र नहीं होती है। जबकि इसके उलट हमारा देश रिश्तो को काफी प्राथमिकता देता है इसीलिए भारत को एक फ्रेंडली कंट्री के रूप में भी जाना जाता है।

चीन की तरफ से यह घटना पहली बार…

चीन की तरफ से यह घटना पहली बार नहीं घटी है उसकी हमेशा से इसी तरह का हरकत रहा है। इतिहास गवाह है कि अक्सर बड़े देश छोटे देशों पर अपना रौब जमाते हैं बिल्कुल उसी फार्मूला के अनुसार चीन भी भारत के साथ करने की कोशिश करता है । लेकिन चीन को यह सबक मिल चुका है कि भारत के सैन्य शक्ति के आगे चीन टिकने वाला नहीं है। भारत और चीन के बीच 1962 में एक जंग हो चुकी है। हालांकि इस जंग में हमारे देश की हार हुई थी लेकिन उस जंग में भी हमने चीन को काफी टक्कर दिया था क्योंकि उस वक्त भारत की स्थिति काफी कमजोर थी। भारत के पास ना ही कोई आधुनिक हथियार थे और ना ही मजबूत सैन्य शक्ति थी। 1947 के बाद से ही भारत सामाजिक ताना-बाना से जूझ रहा था । कहीं धर्मों के बीच टकराव से , तो कहीं जातिवादी प्रथा हावी थी। ऐसे में 1962 की जंग में चीन को टक्कर दे पाना हमारे लिए विजय से कम नहीं था , लेकिन आज भारत की स्थिति काफी मजबूत है ।

भारत के हर एक वासी को अपनी सेना…

भारत के हर एक वासी को अपनी सेना पर पूरा विश्वास है , और हम अपनी सेना पर गर्व करते हैं। लेकिन दुर्भाग्य है कि कभी-कभी सेना का राजनीतिक इस्तेमाल भी हो जाता है , जिससे उनके क्रेडिबिलिटी पर उंगली उठने लगती है । राजनीतिक विशेषज्ञ की माने तो सेना को राजनीति से हमेशा दूर रखना चाहिए। दूर दूर तक इनका राजनीति से कोई वास्ता नहीं होना चाहिए, क्योंकि सेना के सम्मान में कभी कोई कमी नहीं होनी चाहिए। हम आपको आज अपने देश सैन्य शक्ति उनके रहन-सहन तथा उनकी जिंदगी के कठिनाइयों के बारे में बताएंगे साथ ही सुरक्षा की बात हो रही है तो कुछ पुलिसिया तंत्र के पहलुओं को भी उजागर करेंगे जिसे शायद भारत की जनता जानते हुए भी अनजान है और अनजान हो भी क्यों ना? पुलिस ने अपना छवि स्वयं ही ऐसा बनाया है की जनता उसी तरह सोचने लगती है।

पुलिस की बात जब होती है तो…

पुलिस की बात जब होती है तो सबसे पहले हमारे दिमाग में सिर्फ एक ही शब्द याद आती है- मुफ्तखोर व भ्रष्टाचारी। जबकि सारे पुलिस ऐसे नहीं होते, हां कुछ लोगों ने अपने पोस्ट का नाजायज फायदा उठाया है जिसके वजह से सारे विभाग की बदनामी होती है लेकिन हमें पुलिस और सेना के रहन-सहन तथा कठिनाइयों को इग्नोर नहीं करना चाहिए। हमारी सेना के बारे में कुछ भी कहा जाए तो कम है क्योंकि आज हम अपने घर पर अगर महफूज हैं तो हमारी सेना के बदौलत है। सेना का सिर्फ एक ही उद्देश होता है राष्ट्र के लिए न्यौछावर हो जाना । देश ही सर्वोपरि है। यह उनका एकमात्र नारा होता है। देश भक्ति ही उनका एकमात्र प्रतीक है। अपने देश के लिए शहीद होना उनका अंतिम इच्छा होता है और हमें ऐसे सेना पर नाज है। सेना के जीवन का अध्ययन किया जाए तो हमें काफी अफसोस होगा क्योंकि उनका जीवन हमारे दैनिक जीवन से काफी अलग है। कौन सा ड्यूटी, उनकी सैलरी, उनका हार्डवर्क, उनका परिवारिक जीवन काफी अलग है। चीन विवाद के बाद हमने सेना के लाइफ स्टाइल का थोड़ा विश्लेषण किया तो हमें पता चला कि उनका जीवन काफी कठिनाइयों से भरा पड़ा है दोस्तों आज जो भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव चल रहा है उसमें हमारे जवानों कि काफी क्षति हुई है

चीन से सीमा विवाद काफी पुराना है…

चीन से सीमा विवाद काफी पुराना है चीन ने पहले ही भारत के एक बड़े हिस्से को कब्जा कर रखा है जिसे आज अक्साई चीन के नाम से जाना जाता है और दूसरी तरफ सियाचिन जैसे सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र पर हमेशा टकराव की स्थिति बनी रहती है। वहां हमारे सैनिक प्रतिदिन, हर एक सेकंड के लिए मुस्तैद रहते हैं। दोस्तों आप अंदाजा नहीं लगा सकते की सियाचिन जैसे बर्फीले पहाड़ पर कितनी ठंड रहती है लेकिन हमारे सैनिक हमारी सुरक्षा के लिए डटे रहते हैं। देश के आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी तो पुलिस की होती है लेकिन बाहरी क्षेत्र तथा सीमा के सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारे सेना की होती है जो कि ज्यादा संवेदनशील है। हमारी सेना दिन भर ड्यूटी करते रहती है और छुट्टी के नाम पर उनके साथ अक्सर खिलवाड़ किया जाता है क्योंकि उनकी छुट्टी कोई राष्ट्रीय पर्व या रविवार की मोहताज नहीं होती, उन्हें एक अनुबंध की तरह छुट्टी दिया जाता है जैसे कोई विदेश से एन आर आई छुट्टी लेकर आता है।

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