वीडियो:- आखिर कैसे होगा कलयुग का अंत, सच्चाई जानकर आपका दिल दहल जाएगा।

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हिंदू धर्म के धार्मिक ग्रंथों में कलयुग का जिक्र विस्तार रूप से किया गया है। राम चरित्र मानस में लिखे एक श्लोक के अनुसार कलयुग में एक ऐसा भी समय आएगा जब हर व्यक्ति पापों से लिप्त होगा , पूरी दुनिया सर से लेकर पांव तक झूठ , फरेब , मक्कारी, बेईमानी और अधर्मी में डूबे रहेंगे। क्योंकि यह भविष्यवाणी ही तो है जो कलयुग की एक अनकही सच्चाई को दर्शाती है , जिसमें साफ-साफ बताया गया है कि कलयुग सबसे विनाशकारी और अकल्पनीय होगा। कलयुग के पाप का प्रकोप इतना ज्यादा होगा कि लगभग हर धर्म उसकी चपेट में आकर भ्रष्ट हो जाएंगे, और वह समय होगा जब अधर्मी अपनी नई विद्या और अध्याय लिखना शुरू करेंगे।

अध्यात्मिक ग्रंथों को विलुप्त कर दिया जाएगा…


अध्यात्मिक ग्रंथों को विलुप्त कर दिया जाएगा, ताकि लोग सच्चाई और अच्छाई से हमेशा के लिए दूर रहें। कई हजार साल पहले भागवत में सुखदेव जी ने बहुत ही बारीकी और विस्तार से कलयुग का वर्णन किया है , जो कि हमारी आंखें खोलने के लिए काफी है। और आज इस पूरी दुनिया में उस ग्रंथ में लिखे गए श्लोकों के अनुसार ही घटनाएं घटित हो रही हैं। इस बात की पूरी संभावना है कि भविष्य में भी होने वाली घटनाएं ग्रंथ के ऊपर ही आधारित होंगी। तो दोस्तों आइए इस बात को जरा डिटेल में जानते हैं आख़िर हिंदू धर्म में कलयुग के अंत का क्या वर्णन मिलता है।

साथ ही हम यह भी जानेंगे कि आखिर कलयुग…


साथ ही हम यह भी जानेंगे कि आखिर कलयुग की इतनी बुरी दुर्दशा क्यों होगी। लेकिन उससे पहले आप हमारे पेज को लाइक कर दीजिए और इस वीडियो को अंत तक जरूर देखिए , नहीं तो कलयुग के छिपे सच्चाई के बारे में आप पूरी बात नहीं जान पाएंगे । तो चलिए शुरू करते हैं इस ज्ञानवर्धक वीडियो की जिसे जानना हर व्यक्ति के लिए जरूरी है। दोस्तों कलयुग यानी एक ऐसा मॉडर्न युग जिसमें लोगों के अंदर से अच्छाई और इमानदारी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। कलयुग मतलब काला युग, एक ऐसा युग जहां हर किसी को सिर्फ धन से प्रेम होगा, इंसानियत जमीन में दफन हो जाएगी , अमीर बनने के होड़ में लोग डिप्रेशन में चले जाएंगे, हर किसी के मन में कलह क्लेश की भावना होगी , बेईमानी अपने चरम पर होगी , मक्कारी और गद्दारी इंसान के रग रग में बस जाएगी, एक दूसरे पर से विश्वास खत्म हो जाएगा , मन में असंतोष की भावना रहेगी और लोग मानसिक रूप से दुखी रहेंगे । यही युग कलयुग है और इस युग में धार्मिक बातों को मानने वाले और उसका पालन करने वाले सिर्फ एक चौथाई लोग ही बचाएंगे बाकी तीन चौथाई लोग पूरी तरह से अधर्मी और बर्बादी के रास्ते पर होंगे। दरअसल कलयुग की शुरुआत 3102 ईसा पूर्व में हुई थी। इस बात का जिक्र भविष्य पुराण और श्रीमद्भागवत पुराण में विस्तार रूप से मिलेगा।

इन ग्रंथों में आप यह पाएंगे कि कलयुग में भगवान…


इन ग्रंथों में आप यह पाएंगे कि कलयुग में भगवान कल्कि का अवतार होगा , जो कि पापियों का संहार करके फिर से सतयुग की स्थापना करेंगे। तो आइए जानते हैं कि कब होगा कलयुग का अंत। 3102 ईसा पूर्व में जब 5 ग्रह शुक्र , मंगल , बृहस्पति, शनि और बुध मेष राशि पर जीरो डिग्री पर हो गए थे , तभी से कलयुग की शुरुआत हो गई थी । और इस वक्त कलयुग का पहला चरण चल रहा है । हिंदू धर्म के ग्रंथों में कलयुग से जुड़ी हुई तमाम बातों का बखान बहुत ही डिटेल में किया गया है कि कब इसकी शुरुआत होगी और कब इसका अंत होगा। पुराणों में कलयुग की अवधि 12 सौ दिव्य वर्ष बताई गई है । अब जरा इसे समझना पड़ेगा कि दिव्य वर्ष होता क्या है। हम मानव के लिए एक महीना पितरों के 1 दिन और रात के बराबर होता है । वही हम इंसानों के लिए 1 वर्ष देवताओं के 1 दिन और रात के बराबर होता है। आपको इसका समीकरण समझना होगा । ठीक उसी प्रकार मनुष्य का 30 वर्ष देवताओं के 1 महीने के समान माना जाता है। चूंकि कलयुग की अवधि 12 सौ दिव्य वर्ष बताई गई है तो उसके हिसाब से कलयुग का पूरा चक्र 432000 साल लंबा चलेगा ।

तो दोस्तों इसका मतलब यह हुआ कि इस समय…


तो दोस्तों इसका मतलब यह हुआ कि इस समय हम कलयुग के 3102 प्लस 2000 19 इज इक्वल टू 5121 वर्ष जी चुके हैं । और अब कलयुग का कुल चार लाख 26 हजार 800 79 वर्ष बाकी है । लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि कलयुग की अवधि बाकी सभी युगों की अवधि की तुलना में सबसे छोटी है । सबसे पहले आया सतयुग, जिसकी अवधि 17 लाख 28 हजार वर्ष थी । अगर इसे दिव्य वर्षों के अनुसार देखा जाए तो यह 48 वर्ष में आएगी । ठीक उसी प्रकार त्रेता युग लगभग 1296000 वर्ष तक चली थी । फिर उसके बाद आया द्वापर युग , द्वापर युग तकरीबन 864000 वर्ष तक की अवधि में चला था । तो चलिए अब जानते हैं कि आखिर कलयुग के अंत में क्या क्या होगा । दोस्तों हिंदू धर्म के शास्त्रों के अनुसार कलयुग के अंत में हर व्यक्ति की औसत आयु लगभग 20 साल के आसपास की होगी और 5 साल की छोटी उम्र में ही हर लड़की गर्भवती हो जाएगी और 16 साल का छोटा किशोर वृद्धावस्था मैं आ जाएगा । और 20 वर्ष की आयु ही सबसे सर्वश्रेष्ठ मानी जाएगी।

इंसान की आयु के साथ-साथ उसका शरीर भी छोटा…

इंसान की आयु के साथ-साथ उसका शरीर भी छोटा हो जाएगा और उसका सेहत भी बाकी युगों की तुलना में सबसे निचले स्तर पर आ जाएगा । कलयुग में इस बात का भी वर्णन किया गया है के अंत होते-होते इंसान तमाम प्राकृतिक सुविधाओं से वंचित होता जाएगा। उसकी बुद्धि भ्रष्ट होती जाएगी, उसका शरीर अनेकों बीमारियों से घिरा हुआ रहेगा , और बुराई अपने चरम सीमा पर होगी। जब भगवान कल्कि इस धरती पर अवतरित होंगे उस समय मनुष्य की अधिकतम आयु 20 से 25 वर्ष तक की ही रहेगी । कलयुग के अंत में गौमाता भी बकरियों की तरह छोटी-छोटी हो जाएंगे , और हर इंसान मांसाहार हो जाएगा। क्योंकि प्रकृति उस समय इंसानों से इतना दुखी हो जाएगी की धरती से अन्न उगने बंद हो जाएंगे। साफ और शुद्ध हवा इंसानों को नसीब नहीं होग, हर तरफ परेशानी और मुसीबत का आलम रहेगा। और यह सब इसलिए होगा क्योंकि लोगों के अंदर सिर्फ धन प्राप्ति की लालसा रहेगी, लोग पैसे को ही सबसे बड़ा भगवान और धर्म मानने लगेंगे। ना इंसानियत बचेगी ना इंसान बचेगा । तब फिर यही अधर्मी बताएंगे कि वह इतना धन लेकर आखिर कहां जाएंगे।

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