चीयरलीडर्स का सच जानकार दंग रह जाएंगे, आ जाएगा रोना

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आपको आज हम चीयर लीडर्स के बारे में जानकारी देने जा रहे है चीयर लीडर्स का काम आसान नहीं होता। आपको बता दे की अगर हम इस काम को वैश्यावृत्ति से जोड़े तो शायद गलत नहीं होगा। दरअसल जिस प्रकार वैश्यालय में पैसे देकर कोई भी कुछ भी कर सकता है ठीक उसकी तरह से चीयरलीडर भी ऐसी ही होती है आपको बता दे की चीयरलीडर्स को पैसा देकर प्रत्येक मैच में नाचना होता है। प्रत्येक चीयरलीडर का अपना कंफर्ट जोन होता है मगर सबका काम लगभग एक जैसा ही होता है। अब ऐसे में सभ्य समाज में निकल पाना एक चीयरलीडर के लिए कितना मुश्किल होता होगा यह एक सोचने का विषय है तो आइये फिर इस बारे में आपको हम बताते है सच्चाई।

चीयरलीडर्स की जिंदगी

दुनिया उन्हें मैदान पर चीयर करते देखती है और खूब आनंद उठाती है लेकिन ये कोई नही जानता की इसके अलावे इनके साथ क्या-क्या होता है। इसके पिछे एक दर्द भी छिपा होता है जिसे शायद ही कोई जान पाता है। से में आज हम आपको इन एनएफएल की चीयरलीडर्स की कुछ आपबीती बताएंगे जिसे जान कर हर कोई चौंक जाएगा।

काम ज्यादा पैसे कम

लोगो को लगता है कि इनको अपने काम के बदले अच्छे पैसै मिलते होंगे जो कि बिलकुल गलत है। पूर्व चीयरलीडर तम्पा बे बुकानीर्स ने बताया कि एक मैच के लिए उन्हें सिर्फ 100 डॉलर ही मिलते थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रैक्टिस और अन्य टीम समारोह के लिए कोई पैसा नहीं दिया जाता था। उन्होंने नाम बताते हुए कहा कि जो टीमें प्रैक्टिस का पैसा नहीं देती, उनमें बेन-गल्स रायडेरेटीज, फ्लाइट क्रू और बुकानीर्स चीयरलीडर्स शामिल हैं। चीयरगर्ल्स को हर हफ्ते 6 से 15 घंटे प्रैक्टिस करनी पड़ती है और इसका कोई पैसा नहीं मिलता।

वजन पर देना होता है कंट्रोल

नएफएल चीयरलीडर्स को पूरे सीजन के दौरान वजन पर कंट्रोल रखना होता है। एक चीयरलीडर के मुताबिक सीजन से पहले वजन चेक होता है और अगर यह बढ़ा हुआ मिलता है तो उन्हें बेंच पर बैठा दिया जाता है। इसके अलावा उनके शरीर के हर हिस्से की जांच भी होती है। गोल्फ की गाड़ी में कुछ ही सीटें होती हैं। एलिसा यू के मुताबिक कई बार इसमें चार मर्द बैठे होते थे। इसलिए चीयरलीडर्स को उनकी गोद में बैठकर उनके साथ जाना होता था। यह यकीनन किसी भी महिला के लिए आपत्तिजनक होगा।

चीयरलीडर्स की आप बीती

आपकी नौकरी के बारे में आपको सबसे ज्यादा नफरत है? मेरे आस-पास के कुछ दर्शक चियरलीडर्स पर अपमानजनक और सस्ते शब्दों को चिल्ला रहे थे। आप इस तरह की चीजों से कैसे सामना करते हैं? मुझे नस्लवाद से नफरत है। मेरी टीम 99 प्रतिशत सफेद लड़कियों से क्यों बनई है? भारतीयों को क्यों लगता है कि सफेद लड़कियों को छोटे कपड़े पहनना ठीक है, लेकिन वे अपने साथी भारतीय महिलाओं को ऐसा नहीं करने देंगे? यह गड़बड़ है।बात दर्शको की गालियों की करे तो अधिकांश भाग के लिए, मैं उन्हें नहीं सुन सकती थी। संगीत काफी जोरदार था और उच्चारण काफी मोटे हैं मैं शब्दों के लिए अधिकतर अनजान हूं। इसका मतलब यह नहीं है कि मैं यह नहीं बता सकती कि मेरे पीछे कुछ स्पष्ट कीचड़- हैं। मैं उन्हें अनदेखा करने के लिए अपनी पूरी कोशिश करती हूं। और मैंने खुद के लिए व्यक्तिगत नियम बना दिया है कि वे प्रशंसकों के साथ चित्र न लें जब तक वे महिलाएं या बच्चे न हों। मैं रात के लिए किसी के बेट बनने के लिए उत्सुक नहीं हूँ।